नामोफोबिया बीमारी क्या है | कम्पलीट जानकरी हिंदी में


Warning: sizeof(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home2/rishabhh/public_html/wp-content/plugins/ad-injection/ad-injection.php on line 824

Warning: count(): Parameter must be an array or an object that implements Countable in /home2/rishabhh/public_html/wp-content/plugins/ad-injection/ad-injection.php on line 831
हेल्लो फ्रेंड्स, आज की पोस्ट में हम ये जानेंगे की, नमोफोबिया बीमारी क्या है, और इस तरह की बीमारी कब, और कैसे होती है, साथ ही हम इस पोस्ट में ये भी पता करेंगे की क्या आप भी इस बीमारी से प्रभाभित है या नही|
सबसे पहला ये सवाल उठता है की, ये बीमारी एक इन्सान को कब होता है और उसे इसका बारे में कब पता चलता है, की हम इस बीमारी से ग्रसित है या नही है, और ये कैसे होता है
आज की डिजिटल दुनिया में सिर्फ एक ही एसी डिवाइस है जो सदा आपके साथ रहती है, फिर चाहे उसका काम हो या न हो, और वो है आपका मोबाइल, क्यों दोस्तों ये बात सदा सत्य है न,
अब सोचने बाली बात या है की, हम इस बीमारी के बारे में कैसे पता लगाएँगे की हम इससे प्रभाभित है या नही,
आज की इस भागदौड़ की लाइफ में हम सबसे ज्यादा अहेमियत अपने मोबाइल को देते है, क्योकि हम जब भी घर से निकलते है किसी काम को करने के लिए तो सबसे पहले अपने पॉकेट check करते है मोबाइल है या नही,
अगर अपने कभी अपने लाइफ में noticed किया होगा की आज मेरा smartphone शायद घर पर ही छुट गय है, और उस वक्त आपको ऐसा लगा रहा होगा की लगता है जैसे मैंने अपना सरीर का एक अंग छोड़ दिया हो, और उस टाइम आप ये सोचते है की, वो फ़ोन मेरे लिए कितना जरूरी है, या हम जिस काम के लिए जा रहे है वो इसके बिना हो ही नही सकता या हम अपने मोबाइल के बिना अधूरे है एसी फीलिंग आती है उस टाइम और अगर मेरी कही हुई बाते आप पे लागु होती है तो ये एक चिंता बाली विषय है,
इस पोस्ट को लिखने का ये मतलब नही है की हम अपने रीडर्स को डराना चाह रहे है हम सिर्फ आपको ये बतलाना चाह रहे है आप इस तरह के बीमारी(नमोफोबिया) से सचेत रहे है और दुसरे को भी सचेत करे, साथ ही अपने बच्चो पर भी ध्यान दे की वो अपना ज्यादातर टाइम smartphone पर न गुजारे है,
और इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है की बल्कि इसके लिए पुरे दुनिया भर में शोध भी चल रहा है और ज्यादतर शोध में ये पाया गय है की, जो भी इन्सान एक दिन में 60 मिनट्स से ज्यादा स्मार्टफोन को अपने कानो के पास लगाकर रखता है तो वो इससे पीड़ित हो सकते है|
गौर करने बाली बात ये है, इस नामोफोबिया बीमारी से फ्यूचर में बहुत तरह का प्रॉब्लम create कर सकता है, और साथ ही आपके परिवार को भी बीमार कर सकता है
सबसे पहले ये बता दे की नमोफोबिया बीमारी का मतलब क्या होता है, नमोफोबिया का मतलब होता है smartphone की लत, और फोबिया मतलब डर simple शब्दों में कहा जाए तो अगर आप अपने smartphone को अपने जीवन में हद से ज्यादा अहेमियत देने लगते है, तो आप इस बीमारी से पीड़ित है, या कहे तो आप अपने smartphone के बिना कही ना जा सकते है
और इस सत्य को एक ने ही बल्कि पुरे दुनिया के लोगो ने माना है की हम इस बीमारी से ग्रसित है, इसके लिए हम आपको कुछ आकड़े पेश करना चाहते है,
वर्ल्ड के 84% लोगो ने माना है की हमे smartphone की लत लगी हुए है, और उन् सबका ये भी कहना है की हम अपने घर से बिना smartphone के बिना निकलते ही नही है, और उसके बिना एक पल भी नही रह पाते है,
तो दोस्तों आप शयद चौक गये होंगे की ये आकड़े तो डराने बाले है, और आप ही नही बल्कि हर वियक्ति इस बीमारी से परेसान है,

नमोफोबिया बीमारी आपके शरीर के किस किस अंग पर इफेक्ट्स डालती है

#1 Smartphone छीन रही है आपकी नींद

smartphone apki nind churati hai
Smartphone आपको कर सकती है बीमार जाने हिन्दी में | नमोफोबिया बीमारी क्या है |
हाल ही के एक सर्वे से पता चला है की 12% लोगो की नींद उनकी smartphone ने छिनी है, और साथ ही उनके निजी जीवन पर भी प्रभाव डाला है, अब यहाँ पर ये सवाल उठता है की एक smartphone आपकी नींद कैसे छीन रहा है, हम आपको कुछ ऐसे example देने बाले है जिसे जानकर आप चौक जाएंगे
इस डिजिटल दुनिया में हम सभी सिर्फ एक ही चीज पे भरोसा करते है और वो है Google क्यों है न, हमे किसी भी तरह का नॉलेज चाहिए होता हो तो हम सीधे गूगल के पास चले जाते है, या किसी एप्लीकेशन को ओपन करके देख लेते है
जैसे की अगर आपको कोई बुक या कोई नॉलेज ही लेना होता है तो आप कहा जाते है अपने बैग में रखे बुक के पास या गूगल के पास रखे बुक के पास Ofcourse आप गूगल बुक के पास जाते है
चलिए मान लेते है की हम अपने बैग में रखे बुक को पढ़ते है तो कोई साइड इफेक्ट्स नही होते है चाहे उसे दो घंटे पढ़े या चार घंटे no इफेक्ट्स लेकिन आगर आप कंप्यूटर, smartphone, टेबलेट इस तरह के उपकरण पर आप इतने घंटे बुक पढ़े तो सोचिये कितना इफेक्ट्स पड़ेगा आपके आँखों पर आप अंदाजा भी नही लगा सकते है की आप कितनी जल्दी इस बीमारी को अपने घर बुला सकते है
क्योकि इस तरह का उपकरन से जो लाइट और कई तरह का तरंगे निकलती है हम उसके बारे में बिल्कुल भी नही जानते है की ये आपके शरीर के साथ साथ आपके आँखों को कितना नुकसान पहुंचा सकते है
हाल ही एक न्यूज़ में ये पता चला है की एक chainese लेडी ने अपनी right eye खो दे, और इसका कारन था की वो डेली 2 से 3 घंटे अपने smartphone को अंधरे में यूज़ करती थी जिसके करन उसे कुछ ही सालो में अपनी आंख गबानी पड़ी
इसलिये जितना हो सके उतना अपने मोबाइल को कम यूज़ करे और उससे दूर रहे

#2 Self-confidence घटाता है आपका smartphone

दोस्तों क्या अपने कभी गौर किया है की आपका smartphone आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस को धीरे धीरे लो करता है, मेरी लिखी हुई लाइन को शायद कुछ लोग गलत टहरायेंगे और ये कहेंगे की नही ऐसा नही बल्कि हम्रारा smartphone हमारे नॉलेज को बढाता है, क्योकि ये मुझे at a time कुछ भी सवाल करते है तो ये आसानी से देकर हमे बुरी से बुरी सिचुएशन से बाहर निकालता है,
तो हा दोस्तों ये बात बिल्कुल सच है और मै इस बात से सहमत हु लेकिन ये बात भी सच है की हम आज की लाइफ में अपने दिमाग से ज्यादा अपने डिवाइस पे भरोसा करने लगे है, मै आपको कुछ example के जरिये समझाना चाहता हु
मान लेते है की हमसे कोई सवाल पूछता है तो हम उसके जबाब देने के लीये अपने माइंड का यूज़ नही करते है बल्कि उसे गूगल पर फाइंड करने लगते है, और तुरंत उसका जबाब दे देते है, लेकिन उसी टाइम हम उस सवाल को और उसके जबाब को भूल भी जाते है, और कुछ देर बाद अगर कोई वही सवाल हमसे दुबारा पूछता है तो हम उसका जबाब देने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल नही करते है की अभी अभी मैंने इसका जबाब दिया और भूल गय और फिर से वही पैटर्न आपनाते है और फिर से गूगल पर फाइंड करते है और जबाब देते है, इसका मतलब आप समझ गये होंगे की हम क्या कहना चाहते है आपसे
इसका मतलब ये है की हम पूरी तरीके से अपना माइंड को यूज़ नही कर पा रहे है बल्कि अपने मोबाइल, डिवाइस को यूज़ कर रहे है जो हमारे लिये ठीक नही है, और इसी बजह से धीरे धीरे हमारे सारे सवालो का जबाब हमारा smartphone दे रहा है, तो हम किस लिए है, सिर्फ टाइप करके जबाब देने के लिए नही ना और अगर ऐसा होता रहा तो दिन प्रतिदिन के बाद हमारा माइंड काम करना और सोचना ही बंद कर देगा और अगर इस पर अभी ध्यान नही दिया गय तो फ्यूचर में बहुत बड़ी प्रॉब्लम बन सकती है

#3 Computer Vision सिंड्रोम नामक बीमारी

computer vision sindrom bimari
Smartphone आपको कर सकती है बीमार जाने हिन्दी में | नमोफोबिया बीमारी क्या है |
कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम नामक बीमारी एक एसी बीमारी है जो आपके आँखों को धीरे धीरे सुखाता है, और साथ ही उसे धुंधलापन कर देता है, और इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है एक शोध के जरिये
अमेरिकी पीपल में एक सर्वे के अनुसार पाया गय की 70 फीसदी लोगो को अपने smartphone के screen देखते टाइम उनकी आंखे सिकुड़ती है, इसका मतलब ये है की ये बीमारी आगे चलकर आपको नुकसान पहुंचा सकती है और फ्यूचर में प्रॉब्लम कर सकती है

#4 किडनी का फ़ैल होना

smartphone user ko kai trha ka bimari ho skti hai
Smartphone आपको कर सकती है बीमार जाने हिन्दी में | नमोफोबिया बीमारी क्या है |
इस बात को तो आप मानते है की एक smartphone की screen पर उतना ही कीटाणु होते है जितने की एक टॉयलेट की sheet पर होती है,
और एक सर्वे के अनुसार ये पाया गय की 75% लोग ऐसे है जो अपने smartphone को टॉयलेट में यूज़ करते है, जिससे की उनके smartphone की screen पर एक ई-कोलाई नामक की एक बक्टिरिया का जमाव हो जाता है जो आपके किडनी को फ़ैल कर सकता है और डायरिया हो सकता है तो अगर आप में ये आदत है तो प्लीज आज के बाद से बंद कर दे नही तो आप इसके शिकार हो सकते है

#5 बार बार गर्दन के झुकाव से रीढ़ की हड्डी को नुकसान होना

आपने कभी noticed किया की जब आप मोबाइल यूज़ करते है, सोते वक्त खाते वक्त, या टहलते वक्त तो आपका गर्दन हमेसा झुका होता है, इसका मतलब ये है की आप जब-जब मोबाइल का यूज़ करते है तो आपका गर्दन का झुकाव होना ही है, जो एक स्वाथ्य के नजरिये से बिल्कुल गलत है, इससे आपको फ्यूचर में बुरे परिणाम झलने पड़ सकते है, और आपके रीढ़ की हड्डी में प्रॉब्लम हो सकती है

#6 टेक्स्ट मेसेज भेजने बाले हो जाए सावधान

क्या आप ज्यादा टेक्स्ट मेसेज भेजने बाले पुरुस है, अगर हां तो आपको ये आदत आज से ही छोडनी होगी क्योकि जो लोग ज्यादा टेक्स्ट मेसेज भेजते है उनकी गर्दन ओरो के मुकाबले ज्यादा झुकी रहती है जो एक खतरे की घंटी है,

#7 फेफड़े का नुकसान होना

इस प्राकृतिक दुनिया में हर चीज के दो पहलू होते है, एक पॉजिटिव तो दूसरा नेगिटिव, am i right
ठीक उसी तरह से हमारे स्वाथ्य पर भी लागू होता है, एक डॉक्टर कहते है की आप दिन में वाल्किंग करे तो आपके सेहत और खुशमिजाज इन्सान बने रहेंगे ठीक उसी तरह से एक बीमारी से आपको कई बीमारी भी हो सकती है, हमने आपको उपर के pages में कहा की अगर आपका ज्यादा गर्दन झुका रहता है तो आपके लिए खतरे की घंटी है, और रीढ़ की हड्डी में प्रॉब्लम आ सकती है साथ ही आपको फेफड़े में भी प्रॉब्लम आ सकती है वो ऐसे की अगर आपका गरदन ज्यादा झुका रहा तो आपको गहरी साँस लेने में प्रॉब्लम होगी और गहरी साँस लेना हमारे लिए कितना जरूरी है ये तो आप जानते ही है, और अगर आप गहरी साँस नही लेते है तो आपको फेफड़े में प्रॉब्लम आना शुरु हो जायेगा जो सबसे बड़ी प्रॉब्लम चिंता बाली विषय है
फ्रेंड्स हमने पहले ही कहा है की आपका smartphone एक तरह से आज के युग में आपका एक अंग बन चूका है न चाहते हु हुए भी आपको इसका ख्याल रखना पड़ता है, और इस बात से हम हमेसा घबराते रहते है की हमारा smartphone कही खो न जाए, और अगर खोता है तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने आपका दिल तोड़ दिया है,
smartphone user ek din me kitne baar screen touch krte hai
Smartphone आपको कर सकती है बीमार जाने हिन्दी में | नमोफोबिया बीमारी क्या है |
Smartphone के कुछ आकड़े जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी
  1. #1 20% ऐसे लोग है जो ये कहते है की हम अपना फ़ोन हर 10 मिनट्स में check करते है, इसका मतलब ये की पुरे दिन में 144 बार देखते है,
  2. #2 37% लोग ऐसे है जो मानते है की हमे smartphone की लत लग चुकी है, और 60% टीनएजेर्स है जो ये मानते है की हमे smartphone की लत बुरी तरीके से लग चुकी है
  3. #3 तीसरा आकड़ा आपको हैरान कर देने वाला है, 10% ऐसे लोग है जो अपने फ़ोन को डेली 5.400 बार touch करते है

Conclusion

अध्यन कर्ता का मानना है की अगर आप अपने smartphone को हद से ज्यादा यूज़ करते है तो ये आपके निजी जीवन के साथ साथ आपके पारिवारिक जीवन पर भी प्रभाव डालता है, जिससे आपकी नजदीकिय दूरिय में बदल सकती है, इसलिए आप आपने smartphone को उतना ही इस्तेमाल करे जितना जरूरत हो
इस पोस्ट में हमने आपको ये बताया की आप अपने smartphone को जरूरत से जायदा यूज़ न करे और न करने दे
अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई हो तो प्लीज इसे शेयर करे ताकि लोगो को इसके बारे में पता चले और इस तरह के बीमारी को अपने देश से उखाड़ कर फेके

Beware Of Smartphones

Read More….
  1. मोबाइल में ये सेटिंग जरूर करे तभी सेफ रहेंगे
  2. अगर आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड का यूज़ करते है तो ये बात जान ले
  3. फ्रूट्स और वेजिटेबल पर लेबल्स क्यों लगे होते है
  4. smartphone के बारे में 6 झूठी बाते जिसे लोग सच मानते है
  5. कंप्यूटर के आल shortcut keys के बारे में जाने
RishabhHelpMe

https://RishabhHelpMe.Com अंशकालिक ब्लॉगर, जीवन शैली डिजाइनर। लेट्स रीच सक्सेस पर मेरे साथ जुड़े यह जानने के लिए कि एक ब्लॉग कैसे शुरू करें और ऑनलाइन निष्क्रिय आय अर्जित करें ताकि आप अपने खुद के बॉस बन सकें और अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जी सकें।