BPM Full Form In Hindi ( BPM क्या होता है पूरी जानकारी हिंदी में )

BPM Full Form In Hindi :- नमस्कार दोस्तों शायद आपने कभी किसी व्यक्ति के हेल्थ चेकअप रिपोर्ट में BPM लिखा देखा हो, यह देख कर आपके मन में BPM Full Form In Hindi जानने की उत्सुकता जरूर हुई होगी, इसलिए आज हम लेख में आपको bpm full form in Hindi & English की जानकारी देने जा रहे है जिसमे आपको बताया जायगा कि bpm क्या होता है, इसे कैसे मापा जाता है, सामान्य bpm रेट कितना होता है आदि तो आइये इस लेख को अब पढ़ना प्रारम्भ करते है।

BPM Full Form In Hindi

BPM Full Form In Hindi

मित्रों bpm का फुल फॉर्म beats per minutes होता है जिसे हिंदी में हृदयगति प्रति minutes या फिर 1 minutes में धड़कन की संख्या के नाम से जाना जाता है।

अर्थात

B = Beats – धड़कन

P = Per – प्रति

M = Minutes – मिनट

BPM क्या है

bpm का मतलब होता है beats par minutes अर्थात किसी व्यक्ति का 1 मिनट में जितनी बार दिल धड़कता है उसे bpm कहा जाता है। लोग इसे दिल की धड़कन, ह्रदयगति या फिर पल्स रेट के नाम से जानते है।

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BPM मापने वाले यंत्र को क्या कहा जाता है

बाजार में bpm मापने के लिए तीन प्रकार के यंत्र उपलब्ध है आइये जानते है तीनो के बारे मे कुछ विशेष बातें।

मर्करी स्फिग्मोमैनोमीटर

आपने कुछ डॉक्टर के पास एक bpm मशीन देखी होगी जिसे डॉक्टर मरीज की बाहों में पहना कर एक पम्प से हवा भरते है इस मशीन में जिस नंबर पर मर्करी रूकती है उसे BP का रेट समझा जाता है  

एरोइड स्फिग्मोमैनोमीटर

यह मशीन एक घड़ी की तरह दिखती है जिसे हाथ के बाहो में पहनाकर कसा जाता है और इसके बाद इसमें हवा भरी जाती है सुई जिस भी स्थान पर रूकती है उससे BP का रेट पता चलता है।

डिजिटल बीपी मॉनिटर

इस मशीन में मोबाइल की स्क्रीन की तरह एक डिजिटल स्क्रीन होती है जोकि आपका ब्लड प्रेसर लेवल दिखती है इसमें BP रेट के अलावा पल्स रेट में दिखाई देता है। इस bpm मशीन से मापा गया BP एकदम सटीक और सही माना जाता है।  

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BPM सामान्य रेट कितना होता है

इंसानो में हर अलग – अलग उम्र पर अलग – अलग पल्स रेट सामान्य मानी जाती है, जैसे कि 6 से 15 साल के बच्चे में हृदयगति 100 -120 के बीच होनी चाहिए, जबकि 18 से अधिक उम्र के लोगों की धड़कन 80 से 120 के बीच सामान्य मानी जाती है।

BP किसे कहते है और इनके प्रकार

Blood pressure जिसे हिंदी में रक्तचाप भी कहा जाता है, यह एक प्रकार की शारीरिक प्रक्रिया है जिसमें हृदय के द्वारा पूरे शरीर में रक्त भेजने का कार्य किया जाता है रक्तचाप दबाव दो प्रकार का होता है सिस्टोलिक दबाव और डायस्टोलिक दबाव आइये दोनों के बारे में आपको विस्तार से जानते है।

1 – सिस्टोल दबाव

जैसा कि आपको पता होगा कि मानव ह्रदय ब्लड पंप करते समय सिकुड़ता और फैलता है, अतः जब हृदय अपनी सिकुड़ी हुई अवस्था में रहता है तो इसे सिस्टोल कहा जाता है। सिस्टोल दबाव 120 mm Hg स्वस्थ माना गया है।

2 – डायस्टोल दबाव

हृदय ब्लड पंप करते समय जब फैली हुई अवस्था में रहता है तो उसे डायस्टोल कहा जाता है इस अवस्था में ह्रदय के दबाव 80 mm Hg के करीब स्वस्थ मानी जाती है। 

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BPM असामान्य होने के कारण

bpm अनियंत्रित होने के कई कारण हो सकते है आइये जानते है कुछ कारणों के बारे में।

  • ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने की मुख्य वजह ह्रदय रोग माने जाते है।
  • तेज बुखार में भी आपका ब्लड प्रेशर लो या हाई हो सकता है।
  • शरीर में खून की कमी होने के कारण भी दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो सकती है।
  • कुछ लोगो को एंग्जायटी की समस्या रहती है अक्सर ऐसे लोगो को ब्लड प्रेसर की समस्या से जूझना पड़ता है। 

BPM प्रभावित होने पर क्या करें

यदि किसी व्यक्ति का blood pressure अनियंत्रित है तो इसको गंभीरता से लेते हुए तुरंत डॉक्टर को दिखायें, यदि आपने ऐसी अवस्था में कोई भी लापरवाही दिखाई तो आपको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

BP बढ़ने और घटने के क्या लक्षण है

शरीर में रक्तचाप घटने और बढ़ने के अलग – अलग लक्षण दिखाई देते है, आइए सबसे पहले जानते है हाई ब्लड प्रेशर के कुछ लक्षण।

हाई blood pressure के लक्षण

जब शरीर में उच्च रक्त चाप की समस्या होती है तो जी मचलाना, चक्कर आना, चेहरा लाल पड़ जाना, सास लेने में मुश्किल महसूस करना, कमजोरी लगना, सिरदर्द होना, नाक से खून आना आदि लक्षण दिखाई दे सकते है।

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण

रक्तचाप का दबाव कम होने पर शरीर में घबराहट, चक्कर आना, बेहोश होना, धुंधला दिखाई देना आदि लक्षण दिखाई देते है।

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BP रोगियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

ऐसे व्यकित जिन्हें हाई या लो blood pressure की समस्या है उन्हें अपनी सेहत का काफी ध्यान रखना चाहिए ये है कुछ तरीके जिन्हें अपना कर आप स्वस्थ रह सकते है।

डाइट 

यदि आप BP रोगी है तो आपको खाने में हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए कई हरी सब्जियों में पोषक तत्व होते है जो हमारे ब्लड सेर्कुलशन करने में काफी मदद करते है। साजियो के अलावा आप फलों और सूखे मेवे को भी दिन में ले सकते है।

व्यायाम

ब्लड प्रेशर मरीजों को व्यायाम जरुर करना चाहिए इससे उनके शरीर में कई प्रकार की समस्याएं सही हो जाती है इसलिए प्रतिदिन व्ययाम करें

धूम्रपान न करे 

यदि आपको धूम्रपान करने की लत है तो आप इसे कम करे क्योकि blood pressure मरीजों के शरीर के लिए धूम्रपान बहुत ही नुकसान दायक साबित होता है।

नियमित दवाएं खाएं

यदि आपको BP की समस्या है तो आप एक अच्छे फिजिसियन को दिखाकर अपना उपचार कराये और डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवाओं नियमित सेवन करे, यदि आपने दवा लेने में किस प्रकार की लापरवाही बरतेंगे तो यह आपके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है। 

BPM Full Form In Hindi से जुड़े सवाल और जबाब

BPM full form in Hindi में बताइये ?

उत्तर – BPM का अंग्रेजी में पूरा नाम beats per minutes कहा जाता है।

सामान्य व्यक्ति का BPM कितना होना चाहिए।

उत्तर – सामान्य व्यक्ति का bpm 80/120 पर मिनट होना चाहिए अर्थात एक सामान्य व्यक्ति की हृदय 1 मिनट में 80 से 120 बार धड़कना चाहिये। इससे कम धड़कन होने पर BP लो हो जाता है तथा ज्यादा होने पर BP हाई हो जाता है।

BP low होने के लक्षण बताइये ?

उत्तर – ब्लड प्रेशर लो होने में शरीर में ये लक्षण दिखाई देते है।
1. घरबराहट होना
2. चक्कर आना
3. बेहोशी सा महसूस होना
4. सांस लेने में दिक्क्त

BP high होने के लक्षण बताइये ?

उत्तर – blood pressure अधिक होने पर ये लक्षण दिखाई दे सकते है।
1. छाती में दर्द
2. चक्कर आना
3. सास में मुश्किल महसूस करना
4. कमजोरी लगना
5. सिरदर्द होना

BPM अनियंत्रित होने पर क्या करना चाहिए ?

उत्तर – यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर रेट सही नहीं है तो तुरंत किसी फिजिशियन को दिखाने की आवश्यकता होती है लम्बे समय तक इस समस्या का इलाज न कराने पर यह जानलेवा भी हो सकती है।

अंतिम विचार

इस लेख में आपको BPM full form in Hindi की जानकारी प्रदान कराई गयी, जिसमे आपको bpm किसे कहते है, इसका सामान्य मापक क्या है, BP होने के कारण और इसमें किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इन सभी बातों से आपको रूबरू कराया गया, उम्मीद करते है यह आर्टिकल आपके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ होगा यदि आप भविष्य में ऐसी ही रोचक जानकारियों से रूबरू होना चाहते है तो हमारे साथ आगे भी इसी प्रकार बने रहिएगा।

धन्यवाद ! 

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