2023 : Top 9 Motivational Story In Hindi

Best Motivational Story In Hindi :- नमस्कार दोस्तों RishabhHelpMe ब्लॉग में आपका स्वागत है, दोस्तों आज के आर्टिकल में हम आपके लिए टॉप 9 Heart Touching Motivational Story In Hindi पेश करने जा रहे है, जिसे पढने के बाद आपके अंदर एक ऐसा जोश जाग जायेगा जो आपके संपनो को साकार करने में साथ ही आपकी इरादों को मजबूती देने में काफी मददगार साबित होगा |

Top 9 Motivational Story In Hindi
Top 9 Motivational Story In Hindi

Best Motivational Story In Hindi | 2023 में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाली Motivational Story In Hindi For Students

आगे के लेख में हम आपके लिए Top 9 Short Motivational Story In Hindi शेयर करने जा रहे है! जो आपको जिंदगी के हर तरह के मुसीबतों से लड़ने में बहुत मदद करेगा तो चलिए शुरू करते है |

#1 Motivational Story In Hindi For Students | मैना और मुर्गी

एक पेड़ पर एक मैना रहता था, उसने अपने घोसले में अंडे दिए हुए थे, उसी पेड़ के नीचे मुर्गी भी रहती थी जहां उसने भी अंडे दिए हुए थे। लेकिन एक दिन तेज हवा चलने के कारण पेड़ पर से मैना का अंडा नीचे गिरा और मुर्गी के अंडे में जाकर मिल गया। बहुत समय के बाद जब अंडा फूटा तो उसमें से मैना का बच्चा निकला और वह बाकी अन्य मुर्गी के बच्चों के साथ ही बढ़ा हुआ।  उस बच्चे को ऐसा लगता था, कि वह भी एक मुर्गी है और वह भी अन्य मुर्गी के बच्चों की तरह ही जमीन खोदकर दाने चुगता और मुर्गी के जैसा ही बोलता। यहां तक की वह उतना ही ऊंचा उड़ता जितना मुर्गियां उड़ती थी।

एक दिन जब उसने आसमान में मैंने को उड़ते हुए देखा तो उसने अपनी मां मुर्गी से पूछा कि वह पक्षी कौन है जो इतना अच्छा आसमान में उड़ रहा है? तब मुर्गी ने जवाब में कहा कि वह मैना है। उस बच्चे ने फिर पूछा कि मैं इतना ऊंचा क्यों नहीं उड़ सकता? मुर्गी ने जवाब में कहा कि तुम नहीं उड़ सकते, क्योंकि तुम मुर्गी हो ना कि मैंने। उस बच्चे ने मुर्गी की बात मान ली और जिंदगी भर मुर्गे की तरह ही जिया और एक दिन उसी की तरह मर गया।

सीख  –

इस कहानी से यही शिक्षा मिलती है, की हमेशा जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए। किसी के कहने या रोकने से हार नहीं मानना चाहिए। यदि इस बच्चे ने मुर्गी की बात ना सुनी होती, तो वह भी एक मैंने की तरह आसमान में जरूर उड़ता।

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#2 Best Motivational Story In Hindi | गधों की टोली

एक गांव में बहुत सारे गधे रहते थे। एक बार की बात है, वे सभी गधी एक साथ खाने की तलाश में जंगल की ओर जा रहे थे,  तभी अचानक रास्ते में दो गधे एक गड्ढे में गिर गए। गड्ढा काफी गहरा था,  जिस वजह से उन दोनों गधों के दोस्त उनसे चिल्ला चिल्ला कर कह रहे थे कि गड्ढा बहुत गहरा है तुम नहीं निकल पाओगे इस गड्ढे से,  निकलने की तुम लोग तो अब उम्मीद ही छोड़ दो।  लेकिन उन दोनों गधों ने गड्ढे से बाहर निकलने के लिए लगातार मेहनत करते रहे। उनके दोस्त ऊपर से लगातार उनसे कह रहे थे, कि मेहनत करने का कोई फायदा नहीं क्योंकि गड्ढा गहरा है तुम लोग नहीं निकल पाओगे।

थोड़ी देर बाद उन दोनों गधों में से एक ने अन्य गधों की बात सुनी और बाहर निकलने की उम्मीद छोड़ दी और निराश होकर एक कोने में बैठ गया। परंतु दूसरा गधा लगातार बाहर निकलने की कोशिश करते रहा और अंत में वह उस गड्ढे से बाहर निकल आया। उसके बाहर निकलते ही अन्य गधों ने कहा कि क्या तुमने हमारी बात नहीं सुनी?   तब उस गधे ने इशारा करते हुए कहा कि वह सुन नहीं सकता इसलिए उसे ऐसा लगा कि सभी लोग उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं।

सीख

इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है, कि लोगों की बातों का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है इसलिए सदा सकारात्मक बोले और दूसरी बात कि खुद पर हमेशा भरोसा रखें और कड़ी मेहनत करते रहे,  एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होगी।

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#3 Short Motivational Story In Hindi For Success | दो दोस्त की कहानी

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में दो बहुत अच्छे और जिगरी दोस्त रहा करते थे। वह हमेशा एक दूसरे के साथ समय बिताते, एक साथ खेलते हैं, एक साथ घूमते और एक साथ खाते पीते थे। एक दिन वह दोनों एक साथ गांव के दूसरे छोर जा रहे थे, जिसके लिए उन्हें नदी पार करना था। वे दोनों नदी पार करने के लिए एक नाव पर बैठे, नदी पार करने के दौरान उन दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई और बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि एक दोस्त ने गुस्से में आकर नाव का चप्पू उठाया और नाव के बीचो बीच ज़ोर से मारा,  जिसके कारण नाव में एक छेद हो।

नाव में छेद होने के कारण धीरे-धीरे नदी का पानी नाव में भरने लगा। यह देखकर दूसरा दोस्त उस पर चिल्लाया और कहा मुर्ख कहीं के, यह तुमने क्या कर दिया अब हम आगे कैसे जाएंगे। पहले दोस्त ने माफी मांगते हुए उससे कहा कि मुझे नहीं पता था कि, ऐसा हो जाएगा मुझे माफ कर दो यह गलती से हो गया। धीरे-धीरे नाव डूबने लगी, लेकिन दोनों दोस्त ने नाव से कूदकर तैरते हुए नदी पार कर ली। तब दूसरे देश दोस्त ने उससे कहा कि आज तुम्हारी इस छोटी सी गलती की वजह से हम मर भी सकते थे।

सीख

इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि जिंदगी में छोटी से छोटी गलती पर भी ध्यान देना चाहिए ,क्योंकि कई बार इन छोटी गलतियों की वजह से ही जीवन में सबसे बड़ी मुसीबत आ जाती है। इसलिए कहते हैं छोटी छोटी गलती अक्सर बड़ी समस्या का कारण बनती है।

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#4 Heart Touching Motivational Story In Hindi | दो भाई की कहानी

दो भाई थे राम और श्याम। श्याम बहुत अच्छा और सफल व्यापारी था, वह समाज में सम्मानित जीवन व्यतीत करता था, उसका खुद का एक अच्छा परिवार भी था। लेकिन वहीं दूसरा भाई राम गलत संगत में शामिल था, उसे नशीली दवाओं और गंदी चीजों की आदत थी, जिस वजह से अक्सर अपने परिवार के लोगों से मार खाता और बाहर में भी उसके कई दुश्मन थे। एक ही परिवार की दोनों बेटे एक ही माहौल में, एक साथ खेल कूद कर बड़े हुए। लेकिन दोनों के संस्कार में, व्यवहार में,  इतना अंतर कैसे हो गया?

एक बार जब राम से सवाल किया गया, कि आखिर तुम यह सब क्यों करते हो? तुम इन नशीली दवाओं और शराब को छोड़ क्यों नहीं देते? तुम्हें यह सब करने की प्रेरणा मिलती कहां से हैं ? तब राम ने जवाब देते हुए कहा, कि  मुझे यह आदत अपने पिताजी से मिली है। वह भी शराब और नशीली दवाओं के आदी थे और वह भी अक्सर अपने परिवार के लोगों से मार खाते थे। तो फिर आप मुझसे क्या बनने की उम्मीद रखते हैं? मैं भी तो उन्हीं के जैसा ही बनूंगा।

यही सवाल जब श्याम से पूछा गया तो उसने कहा कि जब मैं छोटा था तब मेरे पिता जी हमेशा नशे में रहते थे और अक्सर गलत काम किया करते थे, जिस वजह से वे हमेशा मार खाते और दूसरों से बातें सुनते थे। इसलिए मैंने यह ठान लिया कि मुझे उन जैसा कभी भी नहीं बनना है। हालांकि दोनों भाई एक ही व्यक्ति से प्रेरणा प्राप्त कर रहे थे, लेकिन उन दोनों के इस्तेमाल करने का या सोचने का तरीका एक दूसरे से भिन्न था। एक ने उन बातों को सही ढंग से लिया तो दूसरे ने गलत ढंग से।

सीख

अंत में हमें इस कहानी से यही प्रेरणा मिलती है, कि हमेशा सही रास्ते का चुनाव करें चाहे वह जितना भी कठिन क्यों ना हो, क्योंकि गलत ढंग की प्रेरणा लेने से इंसान को उतना ही आसान रास्ता अपनाने की इच्छा पैदा करती है लेकिन अंत में वह रास्ता सबसे ज्यादा मुश्किल होता है।

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#5 Success Motivational Story In Hindi | नदी में डूबता लड़का

एक बार की बात है, एक गांव में एक लड़का नदी में डूब रहा था और वे  मदद के लिए जोर जोर से चिल्ला रहा था। लेकिन आसपास ऐसा कोई नहीं था, जो उसकी आवाज सुन सके। तभी वहां करीब से एक आदमी गुजर रहा था, उसने नदी में डूबते हुए लड़के को देखा और  तुरंत उस लड़के को बचाने के लिए नदी में कूद गया और उस बच्चे को सही सलामत नदी से बाहर निकाल लिया। लड़के को बचाने के बाद आदमी वापस जाने लगा कि तभी उस लड़की ने आदमी को जान बचाने के लिए दिल से धन्यवाद किया।

धन्यवाद सुनकर उस आदमी ने पूछा कि यह किस  लिए? लड़के ने जवाब देते हुए कहा मेरी जिंदगी बचाने के लिए आपका शुक्रिया। उस व्यक्ति ने उस लड़के की आंखों में देखा और कहा बेटा तुम जब बड़े हो जाओ, तब तुम यह साबित करना कि तुम्हारी जिंदगी वाकई में बचाने लायक थी।

यह जवाब सुनकर वह लड़का सोच में पड़ गया। हालांकि यह वाकई में सोचने की बात है और सचेत होने का भी क्योंकि आत्म संतुष्टि के बिना सफलता बेकार है

सीख

जीवन में हमेशा कुछ बनने का लक्ष्य रखो क्योंकि  जीवन में जब तक कोई उद्देश ना हो कि आप कितना पैसा शिक्षा यह सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं तब तक आपकी जिंदगी बेकार या खाली है।

#6 Motivational Story In Hindi For Success  | एक लालची किसान

एक गांव में एक बहुत लालची किसान रहा करता था। एक बार उस लालची किसान से कहा गया कि, दिन के समय में वह जितनी जमीन पर चलेगा वह सभी जमीन उसकी हो जाएगी। लेकिन शर्त यह है, कि सूरज डूबने तक उसे वापस उसी जगह लौट जाना है जहां से उसने चलना शुरू किया था। लालची किसान चाहता था कि, ज्यादा से ज्यादा जमीन वह अपने नाम कर ले इसलिए वह दूसरे ही दिन सूर्य निकलने से पहले वह चलना शुरू कर दिया। ज्यादा से ज्यादा जमीन अपने नाम कराने के लालच में किसान बहुत तेजी से चलने लगा, जिसकी वजह से वह बहुत जल्दी थक गया। लेकिन उसके बावजूद वह पूरी दोपहर तपती धूप में चलता रहा,  क्योंकि किसान ज्यादा से ज्यादा संपत्ति कमाने का इतना अच्छा मौका गवाना नहीं चाहता था।

जैसे ही शाम होनी शुरू हुई किसान को वह शर्त याद आया कि उसे सूरज ढलने से पहले वापस उसी जगह पहुंचना है, जहां से उसने चलने की शुरुआत की थी। परंतु लालची किसान ज्यादा से ज्यादा संपत्ति अपने नाम कराने के लिए वह शुरुआती जगह से बहुत दूर निकल गया था। किसान वापस से उसी जगह पर पहुंचने के लिए उसने दोबारा तेजी से दौड़ना शुरू किया। जैसे-जैसे सूरज डूबने का समय करीब आता जा रहा था, किसान और तेजी से दौड़ने लग रहा था जिस वजह से वे बुरी तरह से थक चुका था और हांपने लगा था। लेकिन उसके बावजूद किसान रुकने का नाम नहीं ले रहा था और वह लगातार तेजी से दौड़ता रहा। परिणाम स्वरूप सूरज डूबने से पहले वह शुरुआत वाली जगह पर पहुंच तो गया, लेकिन उसकी धड़कन इतनी तेज हो गई कि उसका दम ही निकल गया और उसी समय किसान परलोक सुधार गया।

सीख

इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है, कि लालच करने से कोई फायदा नहीं, भले ही जिंदगी में आप करोड़ों के मालिक क्यों ना हो लेकिन मरने के बाद दफन करने के लिए जमीन के बस एक छोटे से टुकड़े की ही जरूरत पड़ती है।

#7 Motivational Story In Hindi For Students | राजा की चार रानियां

एक राज्य में बहुत ही अमीर और शक्तिशाली राजा रहता था, जिसकी चार पत्नियां थी। राजा अपनी चारों पत्तियों से बेहद प्यार करता था। वे चारों रानियों को अलग-अलग तरीके  से खुश करने की कोशिश करता था।

राजा अपनी चौथी पत्नी को सबसे बेहतरीन खाना और महंगे महंगे कपड़े दिलाता था।

अपनी तीसरी पत्नी का अन्य राज्यों के राजाओं के सामने बेहद तारीफ करता था। हालांकि उसे डर भी था कि एक दिन वह उसे किसी दूसरे के लिए छोड़ कर चली जाएगी।

राजा अपनी दूसरी रानी को भी बहुत चाहता था,  वे हमेशा उसके साथ रहता था। रानी भी हमेशा राजा के साथ इज्जत और धैर्य से रहती थी और समस्या पड़ने पर वह हमेशा राजा की सहायता करती थी, राजा भी उसे अपनी सारी परेशानी बताया करता था।

इन तीनों रानियों में से राजा की पहली रानी सबसे ज्यादा वफादार थी। वह हमेशा राजा की संपत्ति और और राज्य बढ़ाने में मदद करती थी। लेकिन राजा अपनी पहली पत्नी को ज्यादा समय नहीं देता था और ना ही उसे अन्य तीनों पत्नियों की जितना चाहता था।

एक दिन अचानक राजा बहुत बीमार हो गया सभी वैद्य ने भी कह दिया कि राजा के पास अब वक्त बहुत कम रह गया है। यह सुनकर राजा बेहद घबरा गया और अपनी चौथी पत्नी जिसे वे सबसे ज्यादा प्यार करता था, उसे बुलाया और कहा मैंने तुम्हें जिंदगी भर अच्छी अच्छी चीजों से नवाजा है। लेकिन अब मैं मरने वाला हूं, तो क्या तुम मेरे साथ चलोगी? राजा की चौथी पत्नी ने जवाब में इंकार कर दिया, यह सुनकर राजा को बहुत दुख हुआ।

उसने अब अपनी तीसरी पत्नी को बुलाया और उससे कहा मैं जल्द ही मरने वाला हूं क्या तुम मेरे साथ इस सफर में साथ चलोगी? तीसरी पत्नी ने भी जवाब में कहा बिल्कुल नहीं जिंदगी ज्यादा अच्छी है तुम्हारे मरने के बाद मैं दोबारा शादी करूंगी, यह सुनकर राजा का दिल ठंडा पड़ गया।

राजा ने अब अपनी दूसरी पत्नी को बुलाया उससे कहा मैं हमेशा जरूरत के वक्त तुम्हें ही याद करता हूं और तुमने दोगी, जब मैं मरूंगा तो क्या तुम मेरे साथ चलोगी? तब राजा की पत्नी ने जवाब में कहा, माफ करना इस बार मैं तुम्हारी मदद नहीं कर सकती। हां ज्यादा से ज्यादा मैं तुम्हें कब्र तक छोड़ सकती हूं, लेकिन मैं तुम्हारे साथ आगे नहीं जा सकती। इस जवाब को सुनकर तो राजा जैसे अपने होश ही गवा बैठा।

तीनों रानियों का जवाब सुनने के बाद राजा शर्म से अपनी पहली पत्नी से कुछ भी नहीं कहा। लेकिन राजा की पहली पत्नी राजा के पास आती है और कहती है, मैं तुम्हारे साथ चलूंगी, तुम जहां जाओगे मैं तुम्हारे साथ वहां चलूंगी। यह सुनते ही राजा की नजरें झुक गई और उसका दिल भर आया, राजा सोचने लगा कि जब मेरे पास मौका था तब मुझे इसका ध्यान जरूर रखना चाहिए था।

सीख

इस कहानी  में चौथी पत्नी का अर्थ हमारे शरीर से है यानी कि हम शरीर को जितना भी सजा ले परंतु मृत्यु के बाद हमें इसे छोड़ना ही होगा।

तीसरी पत्नी का अर्थ यहां संपत्ति से है चाहे  हमारी संपत्ति या दौलत कितनी भी हो मरने के बाद यह दूसरों के पास ही जाती।

दूसरी पत्नी का अर्थ है हमारा परिवार चाहे वह हमारे साथ हर मुसीबत में क्यों न खड़ा हो लेकिन जब मौत आती है, तो वह ज्यादा से ज्यादा हमारे साथ शमशान तक ही  जा सकते हैं, उससे आगे नहीं।

लेकिन यहां पहली पत्नी का अर्थ हमारी आत्मा से  है, जो दौलत, ताकत और अहंकार से परे है। जो सदा हमारे साथ रहती है, इसलिए आत्मा को शुद्ध रखे और मोह माया से दूर रहें। 

#8 Motivational Story In Hindi For Students | नाम का अनूठा महत्व

एक समय की बात है, किसी तीर्थ स्थल पर एक बार गुरु नानक देव जी गए हुए थे। वहां बहुत सारे व्यक्ति उनके सत्संग के लिए इकट्ठा होने लगे, उन्हीं लोगों में से एक व्यक्ति ने गुरु नानक देव जी से खड़े होकर तथा हाथ जोड़कर एक प्रश्न पूछा कहा हे बाबा हम जैसे साधारण व्यक्ति के कल्याण गृहस्थ के लिए कोई सरल उपाय बताएं? गुरु नानक देव जी ने उस व्यक्ति के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि हर समय ईश्वर को याद करना और प्रायः सादा जीवन जीने वाला व्यक्ति बहुत ही सरलता के साथ अपना कल्याण कर लेता है। तुम भी भगवान के पवित्र नाम का बहुत ही प्रेम और भक्ति भाव से सुमिरन करो, उसे दिल से याद करो और उन्हीं में खोज जाओ, इतना करते ही कोई भी व्यक्ति का जीवन सार्थक होने में एक मिनट भी देर नहीं लगेगा।

गुरु नानक देव जी ने अपनी बात पूरी करते हुए आगे कहा कि भगवान के नाम जाप में एक अलग ही शक्ति है।  प्रायः उस भगवान के नाम का जाप करने या उन्हें स्मरण करना हम जैसे पापी मनुष्य के समस्त दुखों और पापों को दूर करने की क्षमता रखता है। इतना ही नहीं भगवान के नाम का जाप करने पर मनुष्य की हर विकार हर समस्या को दूर करने की शक्ति होती है तथा भगवान का नाम लेने पर मनुष्य सदा सद्गुणों से संपन्न रहता है। ईश्वर का नाम जाप करने पर मनुष्य पुनर्जन्म या ऐसी अन्य चीजों से छुटकारा पाता है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति करता है। गुरु नानक देव जी आत्म कल्याण का बहुत ही आसान उपाय बताते हुए कहते हैं, कि सदाचार सत्य उच्च विचार प्राणियों और जीवो के प्रति दया भावना ईश्वर की प्रस्तुति और गुणगान करना तथा अच्छे विचार लाने से ही एक मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है।

यही कारण है कि प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर के सामने शीश झुकाने चाहिए और प्रार्थना करना चाहिए कि हे प्रभु हम सभी मानव जाति को तू अपनी शरण में ले, चाहे जिसे अवस्था में तू रख, लेकिन तेरी शरण की अतिरिक्त हमारा और कोई आशा नहीं है जो लोग ईश्वर या भगवान के प्रति शरणागत होते हैं उन्हीं को कल्याण की अनुभूति प्राप्त होती है।

सीख

इससे हमें यह सीख मिलती है, हमेशा भगवान की स्तुति करनी चाहिए और अपने दिल को साफ रखना चाहिए।

तथा दूसरों का आदर और सम्मान करना चाहिए। जिस दिन हम भगवान की स्तुति करना शुरू करेंगे, हमारा जीवन उतना ही सरल और अच्छा होता जाएगा

#9 Motivational Story In Hindi For Students | एक लार्क नाम की चिड़िया

एक बार की बात है एक जंगल में लार्क चिड़िया रहा करती थी। एक दिन लार्क चिड़िया गाना गा रही थी, कि तभी वहां पर से एक किसान कीड़ों से भरा पूरा एक संदूक लेकर गुजरा। गुजरते हुए किसान को देखकर चिड़िया ने किसान को रास्ते में रोककर उससे पूछा कि किसान तुम कहां जा रहे हो और आखिर इतने बड़े संतु में क्या है? किसान ने चिड़िया को जवाब देते हुए कहा कि वह पास के गांव के बाजार में जा रहा है और उसके संदूक में कीड़े भरे हुए हैं, जिसे वह बाजार में देकर पंख खरीदना चाहता है।

तभी  चिड़िया ने कहा कि पंख तो मेरे पास भी है, क्यों ना मैं अपना एक पंख तोड़ कर तुम्हें दे दूं और  तुम उसके बदले मुझे यह सारे कीड़े दे दो क्योंकि ऐसा करने से मुझे कीड़ों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। यह सुनकर  किसान ने अपने सारे कीड़े चिड़िया को दे दी और उसके बदले में उससे एक पंख ले लिया। इसके बाद से ही प्रतिदिन यह सिलसिला यूं ही चलता रहा और देखते ही देखते एक दिन ऐसा आया जब लार्क चिड़िया के पास देने के लिए अपना एक भी पंख नहीं बचा। तब चिड़ियां को एहसास हुआ, कि अब वह किसी भी लायक नहीं रही क्योंकि उसके पास पंख ही नहीं बचे जिससे वह उड़ सकती थी।  वह अब दिखने में भी बेहद भद्दी हो गई और धीरे-धीरे उसने गाना भी छोड़ दिया तथा वह जल्द ही मर गई।

सीख

इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है, कि जो रास्ता कभी-कभी हमें बेहद आसान लगता है अंत में वहां केवल मुश्किल ही मुश्किल होता है।  इस कहानी में भी चिड़िया ने भोजन हासिल करने का सबसे आसान तरीका अपनाया जो अंत में उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया, इतना कि उसे अपनी जान देनी पड़ी।

अंतिम विचार

आज के इस लेख में हमने मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी (Motivational story in Hindi)  प्रस्तुत की है उम्मीद है इन कहानियों को पढ़कर आपको अपने जीवन में काफी प्रेरणा मिली हो इन कहानियों से आपको कुछ ना कुछ सीख अभी मिली होगी इसी के साथ यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो कृपया इसे शेयर करें और यदि इस पोस्ट संबंधित आप अपनी राय हमें कुछ देना चाहते हैं तो कमेंट के माध्यम से हम से आप संपर्क कर सकते हैं।

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